हिड्दै छु संघर्षको बाटो म दु:खलाई अंगालेर ।
मुटुभित्र राखेको छु म तिम्रो मायालाई सम्हालेर ।।
जुनै औलामा टोक्दा पनि आफैलाई दुख्छ भने
किन गल्ती गर्नु बाढी आएको खोलामा हामफालेर ।
R. N. Arya
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बरमझियाके पेडा खुवेबौ भन्टावारीके केरा गे चल हमरासंग मस्ती उडेबै राजबिराज हमर डेरा गे
जुनी जाऊ छोडिके हमरा पियाजी अहाँ विदेस
मैथिली लप्रेक - ६
गजल - ४५
"जन्म दैत अछि माँ बाप करम तऽ अपनेही" भाग- १
मैथिली चेतनामुलक नाटक "दहेज" भाग - १०
मैथिली चेतनामुलक नाटक "दहेज " भाग - ४
चन्दाके नोरसंग सुरुजक भोरसंग
("जन्म दैत अछि माँ बाप करम तs अपनेही" भाग -२) करम के डोर सँ बान्धल अछि जिनगीकऽ एक कहानी
गजल
