हमरो उमर लाईग जाई अहाँके
अहिनें अहाँ मुस्कुरावैत रहूँ ।
दिलसँ करै छी हम दुआ
अहिनें अहाँ हसावैत रहूँ ।
सोल्हो शृगारमे सजल यी चेहरा
हरदम हमरा बेचैईन अरैय ।
अहाँ बिना सगरो बेकार यी दुनियाँ
बिन अहाँ कतहुनें चैईन आवैय
नयन खिडाके तकै जे छी जे अहाँ
हमर तन जाई है सिहैक ।
जखैन लगमे आवै छी अहाँ
हमर मन जाई है वहैक ।
Ram Narayan Mehta











