ऐसे क्यू मुझसे तू नजर चुराती हो ।
जाने पहचाने हो फिर क्यू सर्माती हो ।
मै दिवाना बन गाया हूँ तेरे प्यारमे
पास रहकर मुझको तडपाती हो ।
तेरा चेहरा मेरे निगाहोमे वसी है
हरवक्त मेरे सपनोमे तू आती हो ।
ईस कदर चढ गाया नाशा प्यारका
हाजिर हूँ बोलो क्या तूम फरमाती हो ।
कबतक रहुँगा मै तन्हा तेरे बिन
पास आजाओ सनम क्यू घबराती हो ।
अब लड जाउँगा मै ईस जमानेसे
बोलो क्या तू मुझको दिलसे लगाती हो ।
चाँद तारेसे भर दुँगा तेरी माँगको
कहो मेरा दिलका सरगम गाती हो ।
अब कुछ भी नही पुछुँगा तुमसे
क्या तुम मेरे साथमे इश्क लडाती हो ।
वस बहुत होगाया नाटक प्यारका
क्या मेरे साथमे तुम घर बसाती हो ।
🌾Prayas Premi Maithil🖋️
🇳🇵Inaruwa - 8 Dumraha , Sunsari












