कविता
मनुखक जीवनके परिभाषा नै पुछू
यी घुर्छी लागल डोरिके सामान छै ।
सत्य वचनक सुवादक की चर्चा करि
यी गुरुजलत्ती जेका तीत होयत छै ।
सुच्चा सुपुत जौ सत्य वचन बजैय
तकर नाम भ'रहल बदनाम छै ।
बापके बाप नै सनबापके जे बाप कहैय
तकरासबके भेटरहल सम्मान छै ।
जे अपन मिहिनेत पसिनासँ भिजावैय धर्ती
तकरा बोखारीमे भेटत खखरी ।
जे करै हरदम सनबापक नोकरी
तकर हरदम भरल रहै छै धोखरी ।
आब कतेक चिकैरक' हम हल्ला करि
सुन्नीहारसबके दोगला दुनू कान छै ।
बहैवाला बरदसब बहिरहल छै
दोगला बरदके भ'रहल गुणगान छै ।
Prayas Premi Maithil
मनुखक जीवनके परिभाषा नै पुछू
यी घुर्छी लागल डोरिके सामान छै ।
सत्य वचनक सुवादक की चर्चा करि
यी गुरुजलत्ती जेका तीत होयत छै ।
सुच्चा सुपुत जौ सत्य वचन बजैय
तकर नाम भ'रहल बदनाम छै ।
बापके बाप नै सनबापके जे बाप कहैय
तकरासबके भेटरहल सम्मान छै ।
जे अपन मिहिनेत पसिनासँ भिजावैय धर्ती
तकरा बोखारीमे भेटत खखरी ।
जे करै हरदम सनबापक नोकरी
तकर हरदम भरल रहै छै धोखरी ।
आब कतेक चिकैरक' हम हल्ला करि
सुन्नीहारसबके दोगला दुनू कान छै ।
बहैवाला बरदसब बहिरहल छै
दोगला बरदके भ'रहल गुणगान छै ।
Prayas Premi Maithil































