maithilisahitya, मैथिली कव, मैथिली गजल, मैथिली गीत, मैथिली कथा, मैथिली साहित्य MAITHILISAHITYA: कविता

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मैथिली साहित्य, मैथिली गजल, मैथिली कथा , मैथिली कविता, मैथिली गीत , कहमुकरी, चारपातिया

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कविता

मनुखक जीवनके परिभाषा नै पुछू
यी घुर्छी लागल डोरिके सामान छै ।
सत्य वचनक सुवादक की चर्चा करि
यी गुरुजलत्ती जेका तीत होयत छै ।

सुच्चा सुपुत जौ सत्य वचन बजैय
तकर नाम भ'रहल बदनाम छै ।
बापके बाप नै सनबापके जे बाप कहैय
तकरासबके भेटरहल सम्मान छै ।

जे अपन मिहिनेत पसिनासँ भिजावैय धर्ती
तकरा बोखारीमे भेटत खखरी ।
जे करै हरदम सनबापक नोकरी
तकर हरदम भरल रहै छै धोखरी ।

आब कतेक चिकैरक' हम हल्ला करि
सुन्नीहारसबके दोगला दुनू कान छै ।
बहैवाला बरदसब बहिरहल छै
दोगला बरदके भ'रहल गुणगान छै ।


Prayas Premi Maithil

नयनक' सिनेह नोर बनिक' बहिरहल छै ।
अपन मोनक बात नोरक' मादे अहिलहल छै ।।
केहेन आँधी , केहेन बिहाईर एलै अहि समाजमे ।
सत्यके सत्यता दिनोदिन झूठक' हेजमे मरिरहल छै ।।

ककरो उपर आब नई ककरो विश्वास रहलै ।
भाई भाई बिचके भातृप्रेम सेहो टुईट गेलै ।।
जैईरके सुडाह भेलै गामघरके संस्कार आ सँस्कृति ।
देवतोके अपन पुजेगरी परके विश्वास लुईट गेलै ।।

अपन भाषा आ भेषमे धब्बा लाग्लै ।
देखा सिखिमे पडोसियाके पाछा भाग्लै ।।
बापपुर्खाके अर्जल सम्पति बहिरहल छै ।
आँईख पसाईरके निर्लज बेटासब देखरहल छै ।।

ईजोतक' उपर आब अन्हरिया भाडी पडल छै ।
नैजानी किए ? निर्दोष उपर दोषके आँईख गडल छै ।।
नाक , कान नै मुईनके गामघर घुम नै सकब ।
नैजानी गामघरमे कुन दूर्गन्ध मानसिक्ता जमल छै ।।

प्रयास प्रेमी मैथिल
हमरा अखनहूँ मोन अछि 
हम्मर गाम घर  हम्मर अंगना 
जतय चारु कात घर आ 
बीचमे बड़की टाके अंगना 
ताहिमे बीतल हम्मर बालपन 
हमरा अखनहूँ मोन अछि
बीच अंगनामे तुलसी चौरा 
एकटा जाँत, ढ़ेकी, उखडि़ समाठ आ सिलौट 
अहि सबके बीच सीधा पल्लामे सिमटल आ
घोंघमे ओझड़ायल हम्मर माँ, काकी, भौजी
हमरा अखनहूँ मोन अछि
ओ सूरजक पहिल किरण सँ पहिने उठनाई 
ओ चुल्हा सँ बीतल रातिके छाउर निकालनाई
ओ अंगना निपनाई ओ पीढ़ी सब धोनाई, 
ओ नेहेनाई आ तुलसी चौराके चारुकात घुमनाई 
हमरा अखनहूँ मोन अछि
हम्मर सभक आकर्षणके केन्द्र हमर माँ, काकी भौजी 
जे कियाक ई सभ तुलसीके चारुकात घुमैत अछि 
कि ततबेमे दाईके आवाज कानमे पड़ैत 
लक्ष्मेश्वरी बहुरिया भेल नइ ? माँके दौड़कऽ एनाइ 
धैर्यताके संग दाईके बात सुननाइ 
हमरा अखनहूँ मोन अछि
ओ मसल्ला पीसैत कालके चुड़ीके आवाज 
ओ ढ़ेकी चलाबैत पैरके कलाकारी 
ओ उखड़ी समाटमे हाथक कलाकारी 
ओ जाँतमे पीसवाक कालके माँ आ काकीके 
घोंघे तरके बातचीत हमरा अखनहूँ मोन अछि
कोनो भी काज उद्यममे कनिया बहुरियाके शामिल भेनाई
घोंघे तरसँ एक दोसरसँ बात करनाई आ हरेक सासके
अप्पन अप्पन पुतौहके मुँह देखेबाक लेल होड़ लगनाइ ,
दाईके घोंघ उठेनाई, माँके आँखि बंद करनाई 
हमरा अखनहूँ मोन अछि
आ दाईके पुछनाई कि प्रेमी केहन लागल कनिया,
जबाबमे प्रेमी दाईके कहनाई बड सुन्नरि, 
पसीन पड़लइथ बड़का बौआके कनिया
आ दू टका मुँह देखना देनाई 
हमरा अखनहूँ मोन अछि ।

- रचनाकार Kanchana Jha
छवि साभार: अन्तरसंजाल।

सिकापर टांगल डाली छै

सिकापर टांगल डाली छै 
मुर्झाएल जाइत फुलवारी छै 
पगलागेल सब माली छै 
खाधपानिके कमि नै अहिठाम 
तहिओ भुमि प्रतिप्राठ भs खाली छै !

देवतासब अशिआएल छै 
वेली चमेली चम्पाके लेल 
पुजेगरीके नै कोनो कमि छै 
तोरै सँ पहिनें फूल मुर्झागेल !

सब अहिठाम देवताके नामे 
जय जयकार करै छै 
जेहो २/४ टा फूल नीक भेटै 
तकरा अपने लेल माला बन्वै छै !

भूत प्रेतसब ठिठियारहल छै
घरोके दगरिन वोनै मिलल
बाँकी लोग सेहो दगरिनके कहल मानै
तै हरदम घरमे ओझा धामी लागल छै !

कहिआ तक चलैत रहतै यी रबैया
नै भुते भागै नै देवते पुजाई
प्रकृतियो उपर सँ बज्जर खसवैय
देवताके घर दिन दिन डहल जाई !

💝प्रयास प्रेमी मैथिल ®
सुरुजक' छेहाएरमे 

सुरुजक' छेहाएरमे 
बारह बजिया रोदके संग
हजार कोस दुरमे
अपन देह सँ
नुनछाह पाइन निकालैत
अपना खातिर नहिए
परिवार आ सन्तानक 
शुखी जीवनके लेल
अपना मोनमे 
अनेको सपना सजावैत
अपन देहके
दोहिरहल छी ।

💝प्रयास प्रेमी मैथिल ®
हमर गुडिया रानी

अंगनाके हमर गुडिया रानी 
आइ भ'रहल विदाई छै !
माएके करेजा फाटल
नयना नीर बहाई छै !!

रहैत ओकरा हमर अंगनामे
हरदम चाँन चकोर रहैय !
साँझ बिहान हरदम ओ
बाबु माएके कहल करैय !!

बेटा बेटीमे नै कोनो अन्तर
त' किए बेटिये होएत पराई छै !
बेटी माए बापके आशिर्वाद मांगैय
बेटा धन लेल करैत लडाई छै !!

सुनैत समाद बेटी
दौरैत चलि आवैय छै !
माए बापके दु:ख नै बुझै बेटा
डिस्कोमे धन बहावैय छै !!

आँखीके सामनें मे बेटी
भ'जाएत छै सियानी !
थारीमे भात दैय छै 
लोटामे भरिके पानि !!

देख कऽ बेटीके चाँनसन चेहरा
माए बापके रहल नहीं जाइ छै !
अंगनाके हमर गुडिया रानी
आइ भ'रहल विदाई छै !!

प्रयास प्रेमी मैथिल ®

शादी भ'गेल


नयनक' चौपारि पs
प्रेमक' बैसार भेल
किछु बजबो नें केलु हम
तै सँ पहिनें दिलक' फैसला भ'गेल
नै किनको सम्बोधन
नहिं कोनो वादप्रतिवाद
स्नेहक' कलम सँ
उपस्थिति लिखा गेल
प्रस्तावक' कार्यनयन
उ तेजी सँ शुरु भेल
अन्त्यमे काजक' स्वरुप
ओकरा किओ दोसरके संगमे,
हमर रेखाके संगमे शादी भ'गेल !

अदृष्य पात्रसब...
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१. हेमा - हमर बितलाह दिन
२. रेखा - हमर धर्मपत्नी
३. राम - हम

प्रयास प्रेमी मैथिल®
भाइ बहिनके खुन चुइस चुइस


वसन्तक' बहार एलै
रंगक' त्योहार फगुवा गेलै
मनमे अनेको सवाल उब्जैय छै
आँइखक' आगा उदासी किए ?

कोनाके कही हम जे होली नै मनेलौं
मातृभुमि पs रंग अबिरके वर्षा भेवें केलै
कोना कही हम होली मनेंलौं
अपनें माँ बहिनके उजर नुवां पहिरें पडलैय

कोना करि देशक' हृदयके अवलोकन
आँइख सँ अपनेमनेए नोर खसs लागैय छै
पडोसियाके दोष लगेनाइ अनुचित छै
जखन अपनें भाइ गद्दार बनल छै 

कहैय छलैं अहीबेर नै त' कहियो नहिं
देखूँ सब भेलैय बुढिया फुइस
अखन ढिढ़ फुलाके वैसल छै
भाइ बहिनके खुन चुइस चुइस

प्रयास प्रेमी मैथिल®

असगर भेलियै


दोस्त सब दोस्तीयारी करैय छै !
प्रकृती आ जीनगी गद्दारी करैय छै !!
बाँधा आ अडचन संग लडि रहल छी !
समयके पाँछा दोडि रहल छी !!
भुख पियास सब किछके तियागी !
बनलौं हम जीनगीके अनुरागी !!
जीनगीके बाट कटैत नहिं कटैय छै !
हर डेग पs दु:ख आ दर्द भेटैय छै !!
दु:ख, दर्दके संग दोस्ती केलियै !
सब संग बिछैडके असगर भेलियै !!

प्रयास प्रेमी मैथिल®

प्रेम बिमारी


अइछ गोर वदन अहाँके संगे आउर केश कारी !
देखि कs पुनम चेहरा हम भ'गेल छी बिमारी !!

अहाँ मन मोहिनी, मृग नयनी किए करै छी एना !
अहीं s प्रेम पिज़डामे बन्द भेल यौ देखूँ यी मेना !!

मधुरस अइछ भरल अहाँके गुलाबी ठोरमे !
होएत रहैय ये अहाँके चर्चा नगर चारू ओरमे !!

मिठ-मिठ बोली बाजिके अहाँ हमरा फसा लेलियै !
दिल लsके हमरा किए पिज़डामे बन्द केलियै !!

उडs चाहैय छी हम खुला गग़नमे प्रिय खोलूँ केबार !
घुमिके आयब फेर हम करs लेल अहाँ संग प्यार !!

कतेक दिन बन्द कsके राखब हे प्रिय दुलारी !
अहाँ संगमे नेह लगाके हम भ'गेल छी बिमारी !!

प्रयास प्रेमी मैथिल®

हमर जान अहाँ के जान मे 


नयन अछि बेचैन
मोन पियासल !
जेहो लगमे छेल
ओहो दूर भागल !!

खोजैय छी त' भेटैय ये
सुखल नदी नाला !
अहिंके याद करिके हम
जपैय छी प्रेमक' माला !!

दिन अनहार लागैय यें
कहूँ आब हम की करि !
अहाँ बिनू हम आब
अही कहूँ जीबि की मरि !!

अहाँ रहीं त' इजोत रहैय
सगरो घर अंगना मे !
अहाँ के सुन्दर रुप अगाडी
दाग बुझाई छेल चाँन मे !!

कतs चलि गेलौं प्रिय ?
हम खोजैय छी खेत खरिहान मे !
घुइम के चलि आउ प्रिय
अइछ हमर जान अहाँ के जान मे !!

प्रयास प्रेमी मैथिल®

तडपब हमर प्रेम ल'


प्रित लगेलौं अहाँ सँ हम
सब संग नाता तोइर के !
अहाँ किए भेलौं दोसर के
हमरा सँ मूह् मोइर के !!

अहाँके हम पुजैत रहिं
दिलके फूल लोहिर के !
हमरा भिखारी बना देलौं 
नसिब हमर फोइर के !!

कुन जन्म के बदला लेलौं
हमर दिल तोइर के !
दिल मे बनेलौं घाँह अहाँ
ऊ नैं छुटै छै किछो कईर के !!

यौ पछिता रहल छी हम
अहाँ संग पाछा पइर के !
दुनियाँ अनहार भ'गेल
हम जीबि कोना की कईर के !!

यौ कहियो खुश नहिं रहब
हमरा सँ अहाँ बिछैर के !
तडपब हमर प्रेम ल' अहाँ
हम कहैय छी हल्ला कईर के !!

प्रयास प्रेमी मैथिल®

कोरियाहा बरद


हाथमे छै ज्ञेनिहाँ लाठी दुवार पs गाडल हरोठा बाँसके मेह !
दूइटा पाख घुमल से दुखावे लागल कोरियाहा बरदके देह !!

झारन दैय बखत सब स पहिनें खोह बनाके खाए आहार !
दाउनी केनिहारके परेशान कsदेल फेकैत फेकैत साहार !!

खोह तोडैत देखि कs गिरहतबा जूनाँ स' देलक मुहँ बान्ही !
हाँकैत दाउनी एके डेगमे गिरावे लागल मुहँसे लेर, पोटा, पानी !!

यी दाउनी खोलैत सबसे पाँछा आहार खाए खातिर रहैय ये !
एकरा पिठ पs पडैत ज्ञेनिहाँ लाठीके चोट यी लंक ल'के भागैय ये !!

प्रयास प्रेमी मैथिल®

नहिहरके मान, सासुरके सम्मान आ साजनके प्राण


यी रिस्ता केहेन अछि जे छोडs परैय ये नहिहरके संसार !
चुटकी भर सेनुर सँ अपन होएत अछि दोसरके संसार !!

भाइ बाप विदाई करैत कुलके मान रखियह बेटी कहैय ये !
जाएत ससुराल सास ससुर पुत्रबधुके आशिर्वाद दैय ये !!

संग लाविते हमरा हमर साजनसे जे रहल नहिं जाइ ये !
सुहाग राति कोहबर घरमे हमरा सँ की बात करैय ये !!

अहाँके मधुर मुस्कान देखिते हमर मन डोलि गेल !
अहाँके आविते प्रिय अंगना दुवार सिगरो इजोत भ'गेल !!

की जाँदु अइछ अहाँमे जे सगरो समाज करैय ये गुणगान !
आब त अही अछि हमर सुखचाइन प्रिय अही अछि प्राण !!

कृष्ण पक्षके पुनम राति अहाँ आविते संग ल'के एलौं !
जन्म देनिहार माँ बापके छोडिके अहाँ हमर भ'गेलौं !!

प्रयास प्रेमी मैथिल®

फुलवारीमे एक फूल रहैय



फुलवारीमे एक फूल रहैय
खलखल हँसैत 
दुतियाँके चाँन जकाँ 
जीनगीमे इजोत हेत 
से सपना देखलूँ  
पुनमके राइत जकाँ !

ओ फूल इशारा केलक 
हम ससैरके लगमे गेलूँ 
फेर ऊ हमरा सँ कहलक 
हमरा तोइरके ल'चलूँ 
हम पुछलियै किए ?
ओ मुश्कुरा कs बोलsल 
अहाँके पिड हमरा पसंद अछि 
हम कहलियै होतै !

किछ दिनके वाद 
फूलक' लेल बात करs
हम माली लs जाइत रहिं
किछु दूरें स' नजर पडल
फुलवारी उजरल जकाँ
दोसर फूल सँ पुछली
ओ कहलक हमरा सँ
ऊ फूल दोसरके पिड पs चढिगेल
१० दिन अगाडी किओ दोसर तोइर ल'गेल !

सुनिते हमर सुरुज पs 
करिया बादल लाइग गेल 
मुसलधार बर्षा बर्सल 
नयनके धारमे बाइढ चलि एल 
बचल-खुचल सब भाइंस गेल 
रुकल बर्षा त' सबके नजरमें 
यी "प्रयास" असगर रहि गेल !

प्रयास प्रेमी मैथिल®

धोती


धोती भगवानके पहिरन
अछि मिथिलाके शान !
नित दिन पुजा कर जाइ
 पहिर धोती जज़मान !!

धोतीके महत्व अछि बड्ड
मिथिलामे चारु ओर !
दुल्हा, दुल्हिन माथ पs ल'के
करs जाइ छै मटकोर !!

सबकिओ मिल करियौं 
धोतीके सम्मान !
बियाहमें धोती पहिरके
होएत अछि सेनुर दान !!

मिथिलाके सदियो सँ
धोती अछि आन !
सब किओ पहिर धोती
बढाऊ मिथिलाके शान !!

अपन मिथिला पs 
अछि हमरा गुमान !
दुई हाथ जोडि सबकें
"प्रयास" करैय ये प्रणाम !!


प्रयास प्रेमी मैथिल®

हुनकें


भुख पियास सब हेराए गेल हुनकें के खोजी करैत !
पायर पिरा गेल जीनगीके डगहर चलैत चलैत !!

हुनकर डेरा अछि कतs से जाइ छी सबकिओ के पुछैत !
नितदिन ओकरें पुजै छी भोरेंभोर सुरूज उगैत !!

यौं बतीस बसन्त बीत गेल हुनकें बाट तकैत !
मठ-मन्दिर घुमैय छी हम हुनकर नाम जपैत !!

अछि सबहक मालिक ओ , छै तीनों आँइख सँ देखैत !
सब काल कष्ट दूर भागैय छै हुनकर नाम लैत !!

आब साँझ बिहान कटैय हमर हुनकें नाम लैत !
यौं अहूँ हुनका मनमें बैसाबूँ सब दु:ख हरिलेत !!

प्रयास प्रेमी मैथिल®

हमर दिल अहींके याद करैय ये


नीत दिन अहाँके यादमे नयन हमर मोती बर्षावैय यें !
यौं अहाँ परदेसीके एकोरति नैं हमर याद आवैय ये !!

ननद हरदम झघरा करs लेल दाउपेच खोजैय ये !
सासु हरदम गारि पढैय छै आ कूलक्षिणी कहैय ये !!

यौं बौवाके अनमनामें जलखैयमे बेर भ'जाए छै कि !
ससुर दिअर दुनूँ मिलिके हमरा पs जुवाली सुर्रैय ये !!

आब जि पिता गेल यी जीनगीसे, मन होइ छै डुबि मरी !
की करि बौवाके रुप, अहाँके स्नेह संग नहिं छोडैय ये !!

जुनि रहूँ विदेश प्रिय अहाँ छोडि आबूँ अपन गाम यौं !
यौ घरबामें सजनी अहाँके अहाँ बेगर दु:ख काटैय ये !!

करियौ नहिं देरी साजन कहीं भ'जेत अबेर यौं !
हरदम हरक्षण हमर दिल अहींके याद करैय ये !!

प्रयास प्रेमी मैथिल®

जीनगीके मेला


यी जीनगीके मेला स'
की ल'के जेवैय 
छोडि दियौं किछ अहिठाम
अमर अजर भ'जेवैय !

बड्ड नमहर यी मेला
फेर नहिं आब पेब
दोसरके पाछा नैं लागू
कहिं कतौं हराजेब !

देखूँ मेलामें छै कतेग
रंग बिरंगके मिठाई
किओ अपनें ढिर भरैय छै
किओ दोसरके खिलाई !

कहिं मेलाके रम-झममे अहाँ
अपनो नें बिसैएर जायब 
दुनियाँके पाछा पडिके अहाँ
जितें मुर्दा भsजायब !

अहिठाम सब अवसरवादी छै
दोसरके पसिनाके कमाई खाए छै
अपन पेट भरैयके लेल
दोसरके आहार छिनैय छै !

अहिठाम दारु पिबिके सब किओ
 सिसि फोडिके फेक्नें ये
अहाँके दोषी बनावके लेल
कुकर्मके जाल बिछौनें ये !

यी मनुखक' जीनगी अछि
उजरा सफेद रंगके चादर
दाग लाग से बचाबूँ एकरा
सदैव करू एकर आदर !

नहिं एलौं किछु ल'के
नहिं जायब किछु ल'के
रोपू शान्ति, सतविचारके बिहैन
रहब सदा अमर अजर भsके !

प्रयास प्रेमी मैथिल®

चेतनाके दिप जलाबूँ 


मिथिला गगन खाली छै
आहाँ तारा बनिके आबूँ !
चमचम चमकैत आहाँ
हमरा दिल सँ सजाबूँ !!
                      
सब मेघ, कुभेसके आहाँ
कात लगाके आबूँ !
भोरक' सुरूजक' लाली सँ
अहाँ हमरा सजाबूँ !!

मुर्झाएल यी गाछमें अहाँ
खाँध पाइन लगाबूँ !
फेर स' रंग बिरंके 
फूल अहाँ फुलाबूँ !!

यी रेगिस्तान सनके भुमी पs
अहाँ प्रेम रस बर्षाबूँ !
मिथिलामेमें लागल मैलकें
अहाँ दिल सँ पखारू !!

ईर्श्या विभेदके तियागी
सदभावके गीत गाबूँ !
घर-घर में जाइके अहाँ
चेतनाके दिप जलाबूँ !!

प्रयास प्रेमी मैथिल®
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