चन्दाके नोरसंग
सुरुजक भोरसंग
गीत चोलक' गाबवै यो बगरिया
स्वर्ग सँ सुन्दर छै मिथिला नगरिया
मिथिलामे सखी बहिन्पासब गोटली खेलाई छै
बुढपुरान अहिठाम प्रातकालमे प्राती गावैय छै
साँझ देवतोके देखिवै छै बहुरिया
स्वर्ग सँ सुन्दर छै ....... ........ ....... ......
मिथिलाके जनकपुर धाम राजा बिदेहके गाम
तहि नगरीमे स्वंमवर मनेल्कै सिता संगमे राम
मैथिलके दुवारसन नै ककरो दुवरीया
स्वर्ग सँ सुन्दर........ ............ ....... .....
💝प्रयास प्रेमी मैथिल ®













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